सोमवार, 17 दिसंबर 2018
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कितना अच्छा लगता है कितना अच्छा लगता है राजा को जब रियाया खड़ी होती है हाथ पसारे उसके महल के द्वार पर कितना अच्छा लगता है राजा को जब रियाय...
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nanhi chidiya नन्ही चिड़िया -बलदेव सिंह महरोक एक था चिड़िया का नन्हा बच्चा . उसके छोटे छोटे पंख उग आये थे. वह धीरे धीरे अपने घोंसले क...
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ओ राजा जी! तुम हमारे राजा हो हम तुम्हारी प्रजा हैं तुम महलों में सोते हो? हम खेतों में सोते हैं तुम रजाई ओढ़ते हो हम आसमान ओढ़ते हैं तुम मन...
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(कुछ हल्का- कुछ फुल्का) 125 रुपये का नोट राम चन्द्र एक दुकान पर गया । वहां से 125 रुपये का सामान खरीदा। दुकानदार क...
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